नए विमर्श में आपका स्वागत है.ब्लॉग की विशाल दुनिया में यह मेरा प्रथम प्रयास है..
संवादों के नैरन्तर्य से ही ज्ञान विज्ञान का विकास हुआ है.इन संवादों के माध्यम से ही मानव जाति ने परम्पराओ का पुनर्सर्जन किया है. ये संवाद ही है जिनसे संस्कृति का निर्माण होता है.भारतीय संस्कृति इसलिए महान नहीं है कि वह एक प्राचीन संस्कृति है.वह महान इसलिए है कि उसने अपना स्वर हमेशा संवादी रखा है.यही कारण है कि हमने तमाम विभ्रमो और विपर्ययों के बावजूद संभावनाओं का नवीन संसार सृजित किया है..
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